Wednesday, March 1, 2017

अरे जा रे हट नटखटना छू रे मेरा घूँघट

अटक-अटक झटपट पनघट परचटक मटक इक नार नवेली
गोरी-गोरी ग्वालन की छोरी चली 
चोरी चोरी मुख मोरी मोरी मुसकाये अलबेली
कँकरी गले में मारी कंकरी कन्हैये ने
पकरी बाँह और की अटखेली
भरी पिचकारी मारी , भोली पनिहारी बोली

अरे जा रे हट नटखटना छू रे मेरा घूँघट
पलट के दूँगी आज तुझे गाली रे
मुझे समझो न तुम भोली भाली रे
आया होली का त्यौहार, उड़े रंग की बौछार
तू है नार नखरेदार मतवाली रे
आज मीठी लगे है तेरी गाली रे
तक तक ना मार पिचकारी की धार-2
कोमल बदन सह सके ना ये मार
तू है अनाड़ी, बड़ा ही गँवार
कजरे में तूने अबीर दिया डार
तेरी झकझोरी से, बाज़ आयी होरी से
चोर तेरी चोरी निराली रे
मुझे समझो ना तुम भोली भाली रे
अरे जा रे हट नटखट...


धरती है लाल आज, अम्बर है लाल-2
उड़ने दे गोरी गालों का गुलाल
मत लाज का आज घूँघट निकाल
दे दिल की धड़कन पे, धिनक धिनक ताल
झाँझ बजे शँख बजे, संग में मृदंग बजे
अंग में उमंग खुशियाली रे
आज मीठी लगे है तेरी गाली रे
अरे जा रे हट नटखट...


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चली बसंती बयार आई फूलू मां फुलार भौंरा ली गैनी ली गैनी भौंरा हो

संगीत...............................१२३ चली बसंती बयार चली बसंती बयार आई फूलू मां फुलार आई फूलू मां फुलार चली बसंती बयार आई फूलू मां फुलार...